इन कारणों से हो सकती है कब्ज की शिकायत

इन कारणों से हो सकती है कब्ज की शिकायत

पाचन क्रिया दुरुस्त न होने से कब्ज की शिकायत होना एक आम समस्या है, लेकिन पाचन क्रिया के अलावा भी दूसरे कई कारण हैं जो कब्ज का कारण बन सकते हैं, इनके बारे में विस्तार से जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

1 - कब्ज के पीछे के अजीब कारण

कुछ लोगों को अक्सर सुबह कब्ज की समस्या रहती है और उनकी सुबह देर तक वॉशरूम में गुजरती है। लेकिन क्या आपको पता है कि कब्ज होने के कई कारण हो सकते हैं, जिसके बारे में कई लोगों को पता ही नहीं होता है। कब्ज की समस्या शरीर में कमजोरी, हाईपोथायराइड या पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने, आदि के कारण भी सकती है। यह कुछ दवाइयां खाने से भी हो सकती है। तो चलिये जानें कब्ज के पीछे छिपे कुछ अजीब कारणों के बारे में।

2 - पेनकिलर के सेवन से

एस्पिरिन और आईब्रूफिन ऐसे पेनकिलर्स हैं, जो वयस्कों  में कब्ज की समस्या का कारण बन सकते हैं। वे लोग जो इन दवाओं का सेवन कर रहे हैं, उन्हें कब्ज की शिकायत  से बचने के लिये दिनभर खूब सारा पानी पीना चाहिये। वहीं सीने में जलन पैदा होने पर अगर आप एंटासिड खाते हैं, तो भी कब्ज हो सकती है। क्योंकि इस दवाई में कैल्शियम और एल्यूमीनियम के घटक होते हैं।

3 - एलर्जी के कारण

कुछ लोगों को मिल्क प्रोडक्ट जैसे, दूध, दही और दूध से बनने वाले प्रोडक्ट हजम नहीं होते। इससे उन्हें कब्ज की समस्या हो जाती है और कई बार तो उन्हें डायरिया भी हो जाता है। ये लोग अपने खान-पान के संबंध में डॉक्टर अथवा डाइटीशियन से सलाह लें। 

4 - हाइपोथायराइडिज्म

जिन लोगों की थायराइड ग्रंथी ठीक प्रकार से काम नहीं करती, उनका मेटाबॉलिज्म कमज़ोर हो जाता है। हाइपोथायराइडिज्म वाले लोगों को अनियमित रूप से खाया गया खाना आराम से नहीं पच पाता है और कब्ज की शिकायत  हो जाती है।

5 - विटामिन

बेहतर सेहत के लिये हम सभी विटामिन का सेवन करते हैं। लेकिन यदि ये असंतुलित मात्रा में भीतर जाते हैं तो हमारे शरीर में प्रतिक्रिया करने लगते हैं और कब्ज जैसी समस्या पैदा हो जाती है। हांलाकि, हर विटामिन रिएक्शन नहीं करता। लेकिन कैल्शियम और आयरन कुछ लोगों को सूट नहीं करते हैं।

6 - एक्सरसाइज न करना

नियमित एक्सरसाइज करने से शरीर में मल को निकालने वाला पदार्थ, म्यूकस बनता है। लेकिन जब हम एक्सरसाइज नहीं करते और निष्क्रीय जीवन जीते हैं तो यह बनना बंद हो जाता है, जिससे कब्ज हो जाती है।

7 - देर तक मल-मूत्र रोक कर रखना

कई लोगों की टॉयलेट को देर तक कंट्रोल करने की आदत होती है, क्योंकि वे बाहर पब्लिक टॉयलेट में जाना पसंद नहीं करते। ऐसा कई बार करने से कब्ज की समस्या पैदा हो जाती है।

8 - डिप्रेशन या पानी की कमी

डिप्रेशन से पीड़ित लोगों को भी कब्ज होती है, और यह बात बहुत कम लोग जानते हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना भी कब्ज की बीमारी पैदा करता है। अगर आपकी समस्या बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है, तो आप हल्का गरम पानी पियें।

 

  • Disclaimer +

    इस जानकारी की सटीकता , समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेखक की नहीं है। इस लेख में उपलब्ध  सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकिस्तक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्येश्य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकिस्तक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है। 
Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
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हर पुरुष के लिए जरूरी है ये सप्लीमेंट

हर पुरुष के लिए जरूरी है ये सप्लीमेंट

अक्सर पुरुषों को नियमित आहार द्वारा  शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और इनके कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्यायें होती हैं, इसकी पूर्ति के लिए सप्लीमेंट लेना बहुत जरूरी है।शरीर के अंगों को सही तरीके से काम करने के लिए और हमारी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सप्लीमेंट बहुत जरूरी होते हैं। कई बार हमें नियमित आहार में जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते और इनकी कमी के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्यायें भी शुरू होने लगती हैं। अगर पुरुष अपनी बॉडी को बेहतर बनाना चाहते हैं तो स्वस्थ आहार के साथ-साथ इन सप्लीमेंट का सेवन करना बहुत जरूरी है ।

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1 - ओमेगा-3 फैटी एसिड

पुरुषों के लिए ओमेगा 3 फैटी एसिड बहुत जरूरी है, यह दिल और दिमाग को मजबूत बनाता है। इसके अलावा ओमेगा 3 फैटी एसिड धमनियों को नुकसान होने से बचाता है। यह सप्लीमेंट केवल मछली में पाया जाता है, अगर पौधों की बात करें तो ओमेगा 3 फैटी एसिड शैवाल में पाया जाता है। नियमित रूप से 1000-2000 मिग्रा ओमेगा 3 फैटी एसिड की जरूरत नियमित रूप से होती है, अगर आप इतना नहीं ले पा रहे हैं तो कम से 500 मिग्रा लें।

2 - विटामिन डी

जैसा कि आप जानते हैं हड्डियों के लिए विटामिन डी बहुत जरूरी होता है। नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट द्वारा किये गये एक शोध के अनुसार, पैंक्रियाटिक और कोलोरेक्टल कैंसर से ग्रस्त लोगों में विटामिन डी की कमी देखी गई, इसके अलावा इस शोध में यह बात भी सामने आयी कि विटामिन डी दिल की बीमारियों से बचाने का भी काम करता है। इसलिए नियमित रूप से 1000 आईयू विटामिन डी नियमित लेना चाहिए।

3 - लाइकोपीन

यह एंटीऑक्‍सीडेंट का बहुत अच्छा स्रोत है और यह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाता है। नेशनल कैंसर इंस्‍टीट्यूट द्वारा किये गये शोध के अनुसार लाइकोपीन रक्त संचार को सुचारु करने में मदद करता है जिसके कारण प्रोस्टेट कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है। लाइकोपीन की कमी खाने के जरिये पूरी की जा सकती है, सबसे अधिक लाइकोपीन टमाटर में पाया जाता है।

4 - कोएंजाइम क्यू -10

यह एक प्रकार का प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है जो हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, शरीर के हिस्सों में होने वाली सूजन को कम करता है और सबसे बड़ी बात ढलती उम्र में होने वाली पार्किंसंस बीमारी के खतरे को कम करता है। अगर आप इसे रोज नहीं ले सकते हैं तो कोई बात नहीं, लेकिन सप्‍ताह में इसका इतना सेवन करें कि रोज के हिसाब से 100 मिग्रा हो जाये।

5 - मल्टीविटामिन

मल्टीविटामिन शरीर के विकास के लिए बहुत जरूरी है। आस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये शोध की मानें तो मल्टी विटामिन के सेवन से याददाश्त को बढ़ाने के साथ ही मानसिक विकारों को कम किया जा सकता है। मल्टीविटामिन में विटामिन ए, सी, डी, ई और के आते हैं। लेकिन मल्टीविटामिन का सेवन अधिक मात्रा में न करें।

6 - प्रोवॉयोटिक्स

यह ऐसे बैक्टीरिया होते हैं जो हमारे पेट की आंत में पाये जाते हैं लेकिन शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर भी करते हैं। दूध के अलावा सोया के उत्पादों में ये प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं। अगर इनकी पूर्ति नहीं हो पा रही है तो आप इनके सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

7 - फोलिक एसिड

फोलिक  एसिड महिलाओं के लिए जरूरी माना जाता है और चिकित्सक यह सलाह देते हैं कि इनका सेवन गर्भ धारण करने से पहले करना चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यह पुरुषों के लिए जरूरी नहीं है। अमेरिका में हुए एक नये शोध के अनुसार, पुरुषों को फोलिक एसिड का सेवन जरूर करना चाहिए, इससे उनकी स्पर्म काउंटिंग बढ़ती है और यह प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाता है।

 

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Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
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वजन कम कर रहे हैं तो सुबह न खायें ये आहार

वजन कम कर रहे हैं तो सुबह न खायें ये आहार

सुबह का नाश्ता आपको दिन भर सक्रिय रखता है साथ ही यह वजन कम करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए नाश्ते में ऐसे आहार के  सेवन करने से बचना चाहिए  जिससे वजन कम होने की बजाय बढ़ता हो।

  • 1 - वजन पर काबू पाना

  • Individual Attention from the Start Safe & Effective Weight Loss ...
  • वजन कम करना न तो बहुत आसान काम है और न ही बहुत मुश्किल। वजन कम करने में आहार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि ब्रेकफास्ट (नास्ता ) का असर पूरे दिन की गतिविधि पर पड़ता है इसलिए सुबह का नास्ता पौष्टिक और कम फैट वाला होना चाहिए यदि आप सुबह फैटी और अपौष्टिक आहार का सेवन कर रहे हैं तो इससे वजन कम करने वाला लक्ष्य पूरा करना मुश्किल होगा । वजन कम करने के दौरान ब्रेकफास्ट (नाश्ता) में नीचे लिखे आहार के सेवन से बचना चाहिए।

  • 2 - डिब्बाबंद फ्रूट जूस का सेवन नहीं करना चाहिए 

    फल और फलों का जूस हमारे सेहत कि लिए बहुत फायदेमंद होता है, इस बात में किंचित मात्र भी शक नहीं है। लेकिन डिब्बाबंद  जूस हमारे सेहत के लिए नुकसानदेह होता है क्योंकि  इसमें शुगर अधिक  मात्रा में  मौजूद होता है और यह आपके वजन कम करने के लक्ष्य में बाधक बन सकता है। हालांकि कुछ लोगों को लगता है कि जूस पीने से वजन कम होता है, लेकिन ऐसा केवल ताजे फलों वाले जूस के साथ होता है न कि डिब्बाबंद  जूस पीने से। इसलिए सुबह के वक्त डिब्बाबंद  जूस पीने से परहेज करें।

  • 3 - पेस्ट्री और कुकीज का उपयोग न करें 

    सुबह के वक्त  ब्रेकफ़ास्ट में पेस्ट्री और कुकीज खाने से आपका ब्रेकफास्ट लजीज तो हो सकता है, लेकिन इसमें मौजूद शुगर और फैट आपके स्वास्थ्य  के लिए नुकसानदेह होता  हैं। अगर आप वजन कम कर रहे हैं तो पेस्ट्री और कुकीज का सेवन बिलकुल न करें। इसकी जगह साबुत अनाज का सेवन कीजिए।

  • 4 - पैनकेक और मफिन का प्रयोग नहीं करना चाहिए 

    वजन कम करना मुश्किल काम हो जाता है जब आप छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते हैं और हल्के स्नैक्स कम कैलोरी वाला समझकर खा लेते हैं। बहुत से लोग नाश्ते में पैनकेक, मफिन, बेगल, वैफल्स आदि खाना पसंद करते हैं, लेकिन शायद ही आपको पता हो कि इन सबमें मैदा होता है। साथ ही उनमें बहुत कम फाइबर और प्रोटीन होता है और कैलोरी भी अधिक होती है ।

  • 5 - एग सैंडविच का सेवन है नुकसानदेह 

    सुबह के नाश्ते में अंडा खाने की सलाह सभी देते हैं। लेकिन अगर एग सैंडविच खाते हैं जिसमें चीज भी हो, या फिर इंग्लिश मफिन,जो लोगों को बहुत पसंद होता है। इस तरह के सैंडविच में 300-400 कैलोरी होती है, लेकिन चार गुना ज्यादा तक लो-क्वालिटी कार्बोहाइड्रेट भी होता है। इसलिए कोशिश करें कि साधारण एग  सैंडविच खाएं, वो भी ब्राउन ब्रेड के साथ।

  • 6 - कॉफी का सेवन न करें 

    सुबह की शुरूआत कॉफी से करना सुखद माना जाता है, लेकिन यह आपके वजन घटाने वाले रास्ते में एक रोड़े की तरह है। नेशनल कॉफी असोसिएशन के अनुसार एक तिहाई से अधिक कॉफी पीने वाले रोज सुबह स्पेशल कॉफी पीना पसंद करते हैं। लेकिन इसमें 300 से अधिक कैलोरी होती है। अगर इसमें अधिक चीनी मिला के पी जाए तो कैलोरी और बढ़ जाती है। अगर आप अपने दिन की शुरुआत अधिक  शुगर से करते हैं तो आपकी भूख बढ़ेगी, जो किसी भी हालत में आपके सेहत के लिए ठीक नहीं है।

  • 7 - तैयार स्मूदी का सेवन न करें 

    सुबह के नाश्ते में स्मूदी खाना सेहत के लिए तभी अच्छा हो सकता है जब आप उसे घर पर बनाएं। वरना आपके नाश्ते में कैलोरी बहुत अधिक बढ़ सकती है। अलग-अलग ब्रोंड के स्मूदी पैक में, एक सर्विंग के दौरान आप 500 से 900 कैलोरी तक का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में यह आपका वजन कम होने  की बजाय बढ़ सकता है ।

  • 8 - तले  हुये आहार नहीं लेना चाहिए 

    सुबह के नाश्ते के वक्त पराठा खाना भले ही आपको पसंद हो लेकिन इससे आपके शरीर में चर्बी एकत्रित होगी, इसके अलावा अगर आप ब्रेकफास्ट में तले हुए आहार जैसे - फिंगर फ्राई, समोसे आदि का सेवन करते हैं तो यह आपके वजन कम करने की बजाय बढ़ायेगा। इसके अलावा सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ें, इससे मेटाबॉलिज्‍म सुस्त हो जायेगा और पाचन क्रिया प्रभावित होगी।

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Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
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एनीमिया का प्राकृतिक उपचार

एनीमिया का प्राकृतिक उपचार

शरीर में आयरन की कमी के कारण हीमोग्लोबिन का बनना सामान्य से कम होने के कारण खून में आयरन की कमी हो जाती है। शरीर में खून की कमी को एनीमिया या रक्ताल्पता कहते हैं। रक्ताल्पता की वजह से कोशिकाओं में ऑक्सीकरण कम होता है और शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा नहीं मिल पाती है। जिसके चलते व्यक्ति एनिमिया से ग्रस्त हो जाता है। रक्ताल्पता भारतीय महिलाओं के बीच एक सामान्य समस्या है। जो गर्भवती महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण अधिक पाई जाती है। लेकिन घबराइए नहीं क्योंकि कुछ प्राकृतिक उपायों को अपना कर आप इस समस्या से आसानी से बच सकते हैं।

1 - हरी पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, ब्रोकली, पत्ता गोभी, धनिया और शलजम आयरन और फोलिक एसिड का बहुत अच्‍छा स्रोत है। खासतौर पर यह गर्भावस्था के दौरान शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। साथ ही इससे वजन तो कंट्रोल होता ही है और साथ में खून में भी तेजी से बढोतरी होती है। हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने से पेट भी ठीक रहता है। एनीमिया से ग्रस्त लोग अपने सूप, रोटी, सांभर या करी में इन सब्जियों का उपयोग कर सकते हैं  इससे शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ती है और रक्ताल्पता से छुटकारा मिलता है ।

3 - अनार

अनार आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य मिनरल से समृद्ध फल है। इसके अलावा, विटामिन सी की मात्रा भी पाई जाती है जो आयरन के अवशोषण में सहायक होता है जिसके कारण  एनीमिया के लिए सबसे अच्छे प्राकृतिक उपचार में से एक बनता है। इसके अलावा प्रतिदिन अनार का जूस पीने से शरीर में रक्त का संचालन भी अच्छी तरह से होता है और रक्ताल्पता से आराम मिलता है।  

4 - खजूर

खजूर आहार फाइबर और एंटीऑक्‍सीडेंट का बहुत अच्छा स्रोत है। इसके अलावा इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, विटामिन ए, सी के अलावा सोडियम, सल्फर, क्लोरीन और आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है। यह सब मिलकर इसे एनीमिया को दूर करने वाला एक कारगर उपाय बनाते है। खजूर को आप ताजा या चटनी के रूप में इमली या गुड़ मिलाकर या फिर लड्डू, बर्फी या केक जैसे व्यंजनों में मिलाकर भी खा सकते हैं।

5 - गुड़

अधिकांश भारतीय परिवारों में प्रयुक्त होने वाला काले रंग का चीनी का विकल्प यानी गुड़ हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार करने में मदद करता है। गुड़ आयरन का प्रमुख स्रोत होने के कारण एनीमिया के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। खासतौर पर महिलाओं के लिए इसका सेवन बहुत अधिक जरूरी है।

6 - शतावरी 

शतावरी बहुत पहले से महत्वपूर्ण औषधि के रूप में प्रयोग की जा रही है। इसका प्रयोग कई प्रकार के रोगों में किया जाता है। शतावरी झाड़ीनुमा पौधा होता है जिसमें फूल व मंजरियां एक व दो इंच लंबे या गुच्छे में लगे होते हैं। शतावरी को शुक्रजनन, शीतल, मधुर एवं दिव्य रसायन माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, शतावरी संयंत्र सतावर से प्राप्त किया जाता है जो एनीमिया को दूर करने वाला अच्छा उपाय माना जाता है। 

7 - चुकन्दर

चुकन्दर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता का लौह तत्व रक्त में हीमोग्लोबिन का निर्माण व लाल रक्तकणों की सक्रियता के लिए बेहद प्रभावशाली है। खून की कमी यानी एनीमिया की शिकार महिलाओं के लिए चुकंदर रामबाण के समान है। चुकन्दर के अलावा चुकन्दर की हरी पत्तियों का सेवन भी बेहद लाभदायी है। इन पत्तियों में तीन गुना अधिक आयरन तत्व होते है।

8 - विटामिन सी से भरपूर फल

विटामिन सी गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट से आयरन का अवशोषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इसलिए एनीमिया से ग्रस्त लोगों को अपने आहार में संतरा, स्ट्रॉबेरी, कीवी और अंगूर जैसे खट्टे फलों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा विटामिन सी के लाभ प्राप्त करने के लिए आप अपने सलाद या करी में नींबू के रस को भी मिला सकते  है। 

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Posted by D.R. Singh on Thursday 10 March 2016
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झट से घर पर बनायें ये टेस्टी सूप रेसिपी

झट से घर पर बनायें ये टेस्टी सूप रेसिपी

 
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सर्दियों के मौसम में सूप मिल जाए तो मूड तरो ताज़ा हो जाता है। सूप न सिर्फ स्वादिष्ट होते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिये लाभदायक भी होते हैं। आज हम आपको कुछ कमाल के टेस्टी सूप बनाने की विधि बताएंगे। इन पौष्टिक सूप को पी कर ना  आप आनंदित हो  सकते हैं बल्कि शरीर को भी मजबूत बना सकते हैं। इन सूपों को बनाना बेहद आसान है और ये रसोई घर में मौजूद सामग्रियों के साथ तैयार किये जा सकते हैं।
 

टोमैटो सूप

टोमैटो सूप बेहद आम सा सूप है और इसको बनाने की विधी भी बेहद आसान होती है। लेकिन यदि आप इसको और भी पौष्टिक और टेस्टी बनाना चाहते हैं। तो इसमें आप कई सब्जियों का मिला सकते हैं और कई अलग-अलग तरीके से बना सकते हैं।

सामग्री -

  • टमाटर - 600 ग्राम
  • अदरक - 1 इंच लम्बे टुकड़े
  • मक्खन - 1 टेबल स्पून
  • मटर के दाने - 50 ग्राम  
  • गाजर - आधा कटोरी बारीक कटी हूई
  • नमक - स्वादानुसार
  • काली मिर्च - स्वादानुसार
  • कोर्न फ्लोर -1 टेबल स्पून
  • क्रीम - 1 टेबल स्पून

 

बनाने की विधि

टमाटर और अदरक को छील लें और दोनों को मिलाकर बारीक पीस लें और गैस पर 8 से 10 मिनट के लिए उबाल लें। उबालने के बाद इस मिश्रण को सूप छानने वाली छलनी से छान कर 2 चम्मच पानी में कार्न फ़्लोर को अच्छे से घोल लें। ध्यान रहे कि इसकी गुठलियां ना बनें। ठीक से घुल जाने पर  पानी डाल कर इसे बढा कर 1 कप मात्रा कर लें। कार्न फ़्लोर को कम पानी में ही मिलाएं ताकि गुठलियां ना बनें। इसके बाद एक कढाई में मक्खन डाल कर गर्म करें और उसमें मटर के साथ गाजर डाल कर भून लें। इन्हें 3 से 4 मिनट तक भून कर नरम कर लें और अब कार्न फ़्लोर का घोल, टमाटर का छाना हुआ सूप, नमक, काली मिर्च और  पानी डाल कर मिलाएं। उबाल आने के बाद इसे 4 से 5 मिनट तक पकाएं। आपका लज़ीज़ टमाटर का सूप तैयार है। अब इसमें क्रीम डाल कर गर्मा-गर्म परोसें। 
 

स्वीट कॉर्न सूप

स्वीट कॉर्न सूप बेहद स्वादिष्ट होता है, और बनाने में आसान और पोष्टिक होता है। 

Posted by D.R. Singh on Thursday 10 March 2016
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