प्राकृतिक रूप से सेल्युलाइट कम करने के उपाय
प्राकृतिक रूप से सेल्युलाइट कम करने के उपाय
अक्सर लोग सेल्युलाइट को अतिरिक्त चर्बी मान लेते हैं, जबकि सेल्युलाइट और फैट में अंतर होता है, हालांकि सेल्युलाइट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन यह देखने में भद्दा लगता है इसलिए इसे कम किया जाना चाहिए।
फैट नहीं है सेल्युलाइट
फैट का शरीर पर जमाव, जिससे त्वचा असमान हो जाती है, को सेल्युलाइट कहते हैं। सेल्युलाइट एक ढेलेदार तत्व होता है, जो थाईज, पेट और हिप्स में ही पाया जाता है। जब किन्हीं कारणों से सेल्युलाइट त्वचा के कनेक्टिव टिश्यूज के विपरीत जाने लगते हैं, तब त्वचा सिकुड़ने लगती है या गड्ढेदार दिखाई पड़ती है। ऐसे में ही त्वचा का टेक्चर खुरदुरा हो जाता है। यह समस्या महिलाओं को होती है, क्योंकि उनके शरीर में फैट सेल्स अधिक होते हैं। वजनी और दुबली-पतली दोनों ही महिलाओं के शरीर में सेल्युलाइट मौजूद होता है, लेकिन नोटिस सिर्फ वजनी महिलाओं के शरीर में होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसे कंट्रोल किया जा सकता है। आइए प्राकृतिक रूप से सेल्युलाइट को कम करने के उपायों के बारे में जानें।
सेल्युलाइट को कम करें
सेल्युलाइट की समस्या केवल मोटापे से संबंधित नहीं होती है। सेल्युलाइट की समस्या दरअसल शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के असंतुलन के कारण होती है। चूंकि यह हार्मोन महिलाओं के शरीर में ही पाया जाता है, इसलिए इसमें असंतुलन आने से महिलाएं त्वचा में खिंचाव महसूस करती हैं और उनके शरीर पर झुर्रियां भी जल्दी पड़ जाती हैं। अक्सर लोग सेल्युलाइट को अतिरिक्त चर्बी मान लेते हैं, जबकि सेल्युलाइट और फैट में अंतर होता है। हालांकि सेल्युलाईट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन यह देखने में भद्दा लगता है इसलिए इसे कम किया जाना चाहिए।
नियमित एक्सरसाइज से दूर करें सेल्युलायेट
नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से फैट जलता है और सेल्युलाइट के उभार में कमी आती है। एक्सरसाइज से टिश्यु में ब्लड सर्कुलेशन में वृद्धि होती है। और एक्सरसाइज के दौरान पसीना आने से शरीर के विषाक्त पदार्थ से बाहर निकल जाते हैं और त्वचा लचीला होता है। इस समस्या को रोकने के लिए एरोबिक एक्सरसाइज एक अच्छा तरीका है, इसके लिए आप रनिंग, साइकिलिंग और वाकिंग करें।
बॉडी ब्रशिंग
ड्राई ब्रशिंग के जरिए बॉडी पर जमा गंदगी व डेड सेल्स से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा यह सेल्युलाइट यानि वसा से भी निजात दिलाता है। सेल्युलाइट के कारण शरीर पर असामान्य उभार व स्ट्रेच , मार्क्स आ जाते हैं। जिसके चलते महिलाएं अपनी उम्र से बड़ी नजर आती है। इस समस्या में बॉडी ब्रशिंग तकनीक मददगार साबित हो सकती है। इससे त्वचा की रंगत और प्रकार को ठीक किया जा सकता है।
चीनी और फैट से बचने का प्रयास करें
अपने आहार में चीनी का प्रयोग कम से कम करें, क्योंकि चीनी से शरीर में इंसुलिन बनता है, जो फैट को स्टोर करने के साथ-साथ सेल्युलाइट बनाने का काम भी करती है। इसके अलावा सैचुरेटेड फैट का सेवन न करें, क्योंकि यह धमनियों को अवरुद्ध कर और टिश्यू में फंसकर टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकलने में दिक्कत पैदा करता है।
प्रोटीन
प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ सेल्युलाइट की मात्रा को घटाते हैं। फलीदार सब्जियां, दालें, अंडा, कम बसा युक्त डेरी उत्पाद, जैसे दूध दही आदि प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत होते हैं। इसके अलावा जेली फिश जैसी मछलियां भी प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होती हैं। इन्हें अपने भोजन में शामिल करके सेल्युलाइट के निर्माण को रोका जा सकता है।
फल और सब्जियां
सेल्युलाइट को रोकने वाले में मदद करने के लिए फल और सब्जियां सर्वश्रेष्ठ आहार होती हैं। ये वसा मुक्त होती हैं और प्रभावशाली तरीके से सेल्युलाइट के निर्माण को रोकती हैं। इसके अलावा फल और सब्जियां एंटी-ऑक्सीडेंट का भी एक बढ़िया स्त्रोत है, जो फ्री-रेडिकल और अन्य विषैले तत्वों को रोकने के लिए आवश्यक हैं।
कुछ घरेलू तरीके
आप कुछ घरेलू उपायों से भी सेल्युलाइट से छुटकारा पा सकते हैा जैसे नारियल तेल से नियमित रूप से शरीर की मसाज करें। बराबर मात्रा में रोजमेरी के तेल और बादाम के तेल को मिलाकर उसे प्रभावित स्थानों पर लगाएं। बॉथ-टब में गुनगुना पानी डालें और उसमें दो कप नमक डालकर पानी में 15 से 20 मिनट तक लेटें। इसके अलावा कॉफी के बीज का पाउडर बनाकर उसे अपने बॉडी लोशन में मिलाएं और त्वचा पर 5 मिनट तक इसे लगा रहने दें, फिर गुनगुने पानी से त्वचा धो लें। इस उपाय को हफ्ते में दो बार करें।
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इस जानकारी की सटीकता , समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेखक की नहीं है। इस लेख में उपलब्ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकिस्तक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्येश्य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकिस्तक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्प नहीं है।
Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
आपकी एनर्जी को कम करती हैं रोजाना की येआदतें
आपकी एनर्जी को कम करती हैं रोजाना की येआदतें
क्या आप जानते हैं आपकी दिनभर की थकान का कारण सिर्फ काम ही नहीं बल्कि आपकी आदतें हैं, ये छोटी-छोटी आदतें जो आपके शरीर की ऊर्जा को कम करती हैं, इसलिए एनर्जेटिक रहने के लिए इन आदतों के बारे में जानना बहुत जरूरी है।
एनर्जी को ना करें बर्बाद
सुबह उठने के बाद आलस आता है तो उसके पीछे अधूरी नींद जिम्मेदार है, लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतता है आपके ऊर्जा का स्तर कम होता जाता है तो इसके पीछे केवल अधूरी नींद ही जिम्मेदार नहीं है। कई बार तो भरपूर नींद लेने के बाद भी आप शाम ढलते-ढलते ऊर्जा रहित हो जाते हैं। इन सबके पीछे छोटी-छोटी आदतें जिम्मेदार हैं और इन आदतों के कारण ही आपके शरीर से ऊर्जा कम हो जाती है। जानिए रोजमर्रा की उन छोटी-छोटी आदतों के बारे में जिनसे ऊर्जा कम होती है।
छुट्टियों में न करें काम
छुट्टियों का मतलब होता है, खुद के साथ, परिवार व दोस्तों के साथ समय बिताना, मौज-मस्ती करना और आराम करना ना कि ऑफिस के मेल चेक करते रहना। अगर छुट्टियों पर भी आप काम करते रहें तो आपका मन और शरीर थका सा ही रहेगा। इसलिए छुट्टी पर आराम करें। इससे आपका शरीर और मन नई ऊर्जा से भर जाएगा।
ना कहना सीखें
ना कहना, बुरी बात नहीं होती है। इस बात को समझना जरूरी होता है। अक्सर हम दूसरों की खुशी के लिए बहुत सारा काम अपने जिम्मे ले लेतें हैं। लेकिन उसके लिए हम अपने शरीर को दुख पहुंचाते हैं और उनका काम करने में ही अपनी ऊर्जा खर्च करते हैं। इसलिए न कहना बहुत जरूरी है और हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार ही काम करें। इसलिए कोई भी काम हाथ में लेने से पहले ये तय कर लें कि उस काम में आपकी एनर्जी वेस्ट तो नहीं हो रही।
जंक फूड खाने से बचें
फूड हमारी सेहत के लिए कभी भी फायदेमंद नहीं रहा। ये हमें मोटापा जैसी कई बीमारियों का शिकार बना देता है। इसमें पाये जाने वाले शुगर और कार्ब्स ग्लाइसेमिक इन्डेक्स को बढ़ाते हैं। ब्लड शुगर का लगातार बढ़ना थकान का एक कारण होता है। खाने में अनाज और प्रोटीन लेने से बल्ड शुगर संतुलित रहता है। इस बात का ध्यान रखें।
नाश्ता जरुर करें
शरीर को ऊर्जा खाने से ही मिलती है और इससे हम एक्टिव रहते हैं, यानी खाना हमारे शरीर के लिए ईंधन की तरह है। शरीर रातभर रक्त संचार और ऑक्सीजन का प्रवाहन आपके डिनर से करता है। सुबह जब आप सोकर उठते हैं तो फ्यूल दोबारा भरने की जरूरत होती है। अगर आप ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं तो आपको दिनभर थकान और आलस का अनुभव होता रहेगा क्योंकि आपके शरीर को एक्टिव रखने के लिए जरूरी ऊर्जा शरीर में नहीं है। इसलिए ब्रेकफास्ट करना न भूलें। आप ब्रेकफास्ट में अंडे, बादाम, मक्खन, लो फैट मिल्क आदि ले सकते है।
राई का पहाड़ ना बनाएं
राई का पहाड़ बनाने वाली आदतों को तुरंत ही छोड़ दे। ये आपको नकारात्मक भावों से भर देती है। इससे आपका दिमाग थका-थका सा अनुभव करने लगता है। जो आपके शरीर की ऊर्जा को भी बरबाद कर देता है। अगर आपके मन में भी ऐसे ख्याल आते हो, तो लंबी सांसें लो और मन को शांत करें। कई बार मन में नकारात्मक ख्याल आते रहते है, जो आपके कार्य की क्षमता को भी प्रभावित करते है और आपके आत्मविश्वास को भी हिला देते है। इसलिए कोई भी समस्या आने पर परेशान ना हो। उस पर शांति से विचार करें।
थके होने पर भी ना छोड़ें एक्सरसाइज
थके होने के कारण अक्सर हम एक्सरसाइज नहीं करते, हमको लगता है कि इससे हमारा शरीर को आराम मिलेगा। आपको जानकार हैरानी होगी इशा असर ठीक उल्टा होता है।आप ज्यादा एक्सरसाइज ना करें।आपको थकान है तो आप अपनी रेगुलर एक्सरसाइज को ही करें। इससे आपका एनर्जी लेवल बूस्ट अप होगा। ये आपके कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण देगी। आपका दिल अच्छे से काम करेगा।
खूब सारा पानी पियें
लोगों में अक्सर पानी ना पीने की आदत देखी जाती है। ये आदत आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक होती है। य़े आपको डिहाइड्रेशन की समस्या कर सकती है। कम पानी पीने से कॉन्स्टिपेशन, बदहजमी, पेट की समस्या, जलन, थकान जैसी बीमारियां उत्पन्न होती हैं। दिन भर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए। मनुष्य को (जठर) अग्नि बढ़ाने के लिए बार-बार थोड़ा-थोड़ा पानी पीना चाहिए।
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Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
प्राकृतिक उपचार से दूर करें साइटिका का दर्द
प्राकृतिक उपचार से दूर करें साइटिका का दर्द
साइटिका के कारण होने वाले दर्द से निजात पाने के लिए अगर आप चिकित्सक के पास नहीं जाना चाहते हैं तो प्राकृतिक नुस्खों को आजमाकर इसके दर्द को असानी से दूर किया जा सकता है।
1 - साइटिका के लिये प्राकृतिक उपचार
अनियमित जीवनशैली तथा गलत तरीके से उठने-बैठने की वजह से नसों में होने वाले तेज दर्द (खासतौर पर कमर से लेकर पैर की नसों तक) को साइटिका का दर्द कहा जाता है। कंप्यूटर के सामने घंटों बैठ कर काम करने वाले लोगों को यह दर्द ज्यादा होता है। इससे उनकी नसों में तनाव पैदा होता है। हालांकि कुछ प्राकृतिक तरीकों की मदद से साइटिक का दर्द दूर किया जा सकता है।
2 - लंबे समय तक एक स्थान पर बैठने से बचें
काफी देर तक एक ही जगह पर बैठने से साइटिका का दर्द बढ़ने लगता है। इसलिए लंबे समय तक एक जगह पर बैठने से बचें। हो सके तो हर आधे-एक घंटे में कुछ देर के लिए खड़े हों और टहल लें। साथ ही झुककर भारी वस्तुओं को उठाने से भी बचें। इससे रीढ़ की हड्डियों के जोड़ों पर काफी जोर पड़ता है।
3 - पॉश्चर रखें सही
यदि आपको दफ्तर में लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रह कर काम करना पड़ता है तो कुर्सी में कमर के हिस्से पर एक छोटा सा तकिया लगा लें और सीधे बैठने की कोशिश करें। साथ ही मुलायम गद्दों पर ज्यादा न सोएं।
4 - नियमित एक्सरसाइज करें
कई शोधों से पता चलता है कि साइटिका के दर्द के उपचार का सबसे बेहतर तरीका व्यायाम होता है। विशेषतौर पर वे व्यायाम जिनमें शरीर को आगे की ओर स्ट्रेच करना होता है। नियमित व्यायाम से कमर की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। साथ ही एक्सरसाइज करने से एंडोरफिन नामक दर्दनिवारक हार्मोन का स्राव भी होता है।
5 - हरसिंगार
पारिजात के नाम से भी पहचाना जाने वाला हरसिंगार एक खूबसूरत छोटा पेड़ होता है, जिस पर सुन्दर व खुशबूदार फूल लगते हैं। इसके फूल, पत्ते और छाल का उपयोग औषधि के रूप में भी होता है। इसके पत्तों के उपयोग से सायटिका रोग को दूर किया जा सकता है।
6 - अजवाइन
अजवाइन के रस में प्राकृतिक एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण होते हैं। अजवाइन के रस से साइटिका में होने वाले दर्द, तकलीफ और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। अजवाइन के जूस को निकाल कर 20 मिनट के भीतर पी लेना चाहिए।
7 - कैमोमाइल
कैमोमाइल में एंटी-इफ्लेमेंटरी गुण तथा बीसाबोलल होते हैं। बीसाबोलल साइटिका के दर्द और सूजन से निजात दिलाता है। जिन लोगों को सर्दियों के मौसम में नसों में दर्द होता है कैमोमाइल चाय पीने से उन्हें राहत मिलती है।
8 - ठंडी और गर्म सिकाई
साइटिका पेन आर्गेनाईजेशन के मुताबिक गर्म और ठंडी सिकाई करने से साइटिका का दर्द अस्थायी रूप से ठीक हो सकता है। ठंडा पैक सूजन को कम करने में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जबकि गर्म सिकाई के लिये आप गर्म पैच, हीटिंग पैड या हीटिंग लैम्प का उपयोग कर सकते हैं।
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Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या के लिए घरेलू उपचार
पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या के लिए घरेलू उपचार
बालों के झड़ने की समस्या पुरुषों में तेजी से बड़ती जा रही है, इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इस समस्या से फ्लेक्स सीड, एलो वेरा, मेथी पेस्ट आदि घरेलू उपचारों को अपनाकर बचा जा सकता है।
1 - पुरुषों में बाल झड़ने की समस्या
बालों के झड़ने की समस्या पुरुषों में आम होती जा रही है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं से उलट पुरुषों में फीमेल हार्मोन एस्ट्रोजन नहीं पाया जाता, जो बालों को झड़ने से बचाने में सुरक्षा करता है। पुरुषों के हेयर फलिकल के गायब होने में पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन की भी अहम भूमिका होती है। बाल झड़ने का एक मुख्य कारण अधिक तनाव से भरा जीवन भी है। गंजेपन को चिकित्सकीय भाषा में एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया कहते हैं। हालांकि कुछ घरेलू उपचारों की मदद से पुरुष बाल झड़ने की समस्या से बच सकते हैं। चलिये जानें कौंन से हैं वे उपचार....
2 - टेस्टोस्टेरॉन और पुरुषों में गंजापन
कई आधुनिक शोधों से यह बात सामने आई है कि टेस्टोस्टेरॉन और गंजेपन में संबंध होता है। गंजे पुरुषों में सामान्यत: टेस्टोस्टेरॉन का स्तर अधिक होता है। हालांकि महिलाओं में भी टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन पाया जाता है, लेकिन उनमें इसका स्तर कम होता है, इसलिये उनमें गंजेपन की समस्या भी पुरुषों के मुकाबले कम होती है।
3 - दही और काली मिर्च
बाल झड़ने की समस्या को रोकने में यह उपाय बहुत कारगर साबित होगा। तीन चम्मच दही के साथ काली मिर्च पाउडर के 2 चम्मच को मिलाएं। मिश्रण को अच्छे से मिलाने के बाद इस पेस्ट की सिर पर हल्के से मसाज करें और फिर एक घंटे छोड़ने के बाद शैम्पू कर लें।
4 - फ्लेक्स सीड
लगभग पांच दिनों के लिए तीन से चार बड़े चम्मच फ्लेक्स सीड को पानी में भिगोकर रख दें। अब इस पानी को कॉटन बॉल की मदद से स्कैल्प पर लगाएं और आधे घंटे तक छोड़ देने के बाद सिर को गुनगुने पानी से धो लें।
5 - तेल मसाज
एक कप सरसों के तेल को गर्म करे और इसमें चार टेबल स्पून मेहंदी की पत्तियां मिला लें। इस मिश्रण को छानकर बोतल में रख लें। फिर अपने सिर के गंजे हिस्सों पर इस घरेलू उपचार से रोजाना मालिश करें। इसके अलावा आप बदाम, नारियल व ऑलिव ऑयल से से हफ्ते में दो बार मसाज भी कर सकते हैं।
6 - कोकोनट मिल्क
नारियल का दूध (कोकोनट मिल्क) बालों को पोषण देता है और उनके बेहतर विकास में मदद करता है। इसके अलावा, यह बालों को मुलायम बनाने में भी मदद करता है। बस बालों इसे लगाएं और मसाज करें और आधे घंटे बाद धो दें।
7 - एलो वेरा
यदि आप चाहते हैं कि आपके बाल झड़ने कम हो जाएं और बालों को मजबूत मिले तो स्कैल्प पर ऐलो जैल से मसाज करें। सप्ताह में दो बार ऐलोवेरा जैल से मालिश करने से बालों के झड़ने की समस्या से निजात मिलती है और संक्रमण भी दूर होता है।
8 - नीम पेस्ट
चिकित्सकीय गुणों से भरपूर नींम पेस्ट स्काल्प के क्षारीय संतुलन को बहाल करने में मदद करता हैं और बालों को झड़ने से रोकता है। इसे और भी ज्यादा असरदार बनाने के लिए नीम पेस्ट में शहद और जैतून के तेल को भी मिला लें।
9 - अंडे
प्रोटीन उपचार बालों की देखभाल के लिए एक प्राथमिक चरण होता है। तो यदि आप मजबूत और चमकदार बाल चाहते हैं, तो बालों को एक सप्ताह में तीन से चार बार प्रोटीन उपचार दें। इसके लिए बस आपको एक कच्चे अंडे को तोड़कर गीले बालों पर लगाना है और पंद्रह मिनट के बाद गुनगुने पानी से धो देना है।
10 - मेथी के बीज
मेथी के बीज के दो से तीन बड़े चम्मच लेकर पानी में आठ से दस घंटे तक भिगो कर रख दें। अब इसका पेस्ट बना लें और बालों की जड़ों में लगाएं। ये पेस्ट न सिर्फ बालों को झड़ने से रोकता है बल्कि बालों को मजबूत बनाकर डेंड्रफ की समस्या को भी दूर करता है।
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Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
वर्कआउट के बाद न करें ये 7 गलतियां
वर्कआउट के बाद न करें ये 7 गलतियां
नियमित रूप से वर्कआउट करना ही जरूरी नहीं बल्कि वर्कआउट के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है नहीं तो वर्कआउट का फायदा नहीं मिलता और संक्रमण भी हो सकता है।
1 - वर्कआउट के समय गलतियां
नियमित रूप से वर्कआउट करने से ही फायदा नहीं होता बल्कि सही तरीके से वर्कआउट करने से फायदा मिलता है। अगर आप वर्कआउट के दौरान और वर्कआउट के बाद गलतियां करेंगे तो इसका असर आपके शरीर पर दिखेगा, यानी अगर आप एब्स के लिए वर्कआउट कर रहे हैं लेकिन कई दिनों बाद भी कोई असर नहीं हो रहा, इसका मतलब है कि आप वर्कआउट के वक्त और उसके बाद कुछ न कुछ गलतियां कर रहे हैं। ऐसी गलतियों को पहचानें और वर्कआउट के बाद इन गलतियों को करने से बचें।
2 - एकाएक व्यायाम बंद कर देना
वर्कआउट के दौरान शरीर के तापमान के साथ-साथ रक्त संचार और दिल की धड़कन बढ़ जाती है। इसे सामान्य होने के लिए कुछ वक्त लगता है। ऐसे में वर्कआउट के बाद अचानक से व्यायाम करना न छोड़ें, धीरे-धीरे व्यायाम कम करते हुए सामान्य स्थिति में आयें। व्यायाम के बाद धीरे-धीरे जॉगिंग या टहल कर भी शरीर को सामान्य स्थिति में ला सकते हैं।
3 - स्ट्रेच न करना
वर्कआउट के बाद स्ट्रेच करने से अगले दिन मांसपेशियों में कोई समस्या नहीं होती है और आप अगले दिन थकान महसूस नहीं करते। लेकिन लोग व्यायाम के बाद स्ट्रेच नहीं करते जिससे समस्या हो सकती है।
4 - व्यायाम के बाद न खाना
वर्कआउट के बाद कुछ न कुछ खायें, इससे मांसपेशियों की मरम्मत हो जाती है। इसलिए व्यायाम के बाद कार्ब और प्रोटीनयुक्त स्नैक्स जरूर खायें। दही, ब्लूबेरी या मुट्ठीभर सूखे मेवे बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
5 - कपड़े नहीं बदलते
व्यायाम के तुरंत बाद कपड़ों को न बदलना भी समस्या बन सकता है। दरअसल व्यायाम के दौरान पसीने के कारण कपड़े गीले हो जाते हैं, अगर व्यायाम के बाद उन्हें आपने नहीं उतारा तो इसके कारण यीस्ट संक्रमण हो सकता है। इसलिए व्यायाम के बाद जितनी जल्दी हो सके कपड़ों को बदल लीजिए।
6 - शॉवर न लेना
वर्कआउट के बाद शॉवर न लेना या नहीं नहाना समस्या बन सकता है। क्योंकि व्यायाम के दौरान पसीने के सूखने के बाद जीवाणुओं के पनपने की आशंका हो सकती है, इसलिए व्यायाम के बाद संक्रमण से त्वचा को बचाने के लिए शॉवर जरूरी है।
7 - शराब का सेवन करना
भले ही फिल्मों में अक्सर आपने देखा हो कि हीरो वर्कआउट के बाद शराब पीता है तो, आप ऐसा बिलकुल न करें। व्यायाम के बाद शराब को अपना स्नैक्स न बनायें। वर्कआउट के तुरंत बाद शराब पीने से शरीर डीहाइड्रेट हो सकता है और खून के थक्के बनने की संभावना भी रहती है। इसलिए बेहतर है कि व्यायाम के बाद पानी पियें।
8 - नींद में कंजूसी
भरपूर नींद व्यायाम के लिए बहुत जरूरी है। अगर आप व्यायाम कर रहे हैं तो कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूर लें। सोने के दौरान मांसपेशियां खुद की मरम्मत करती हैं और खुद को मजबूत बनाती हैं। इसके अलावा भरपूर नींद लेने से तनाव भी नहीं होता।
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Posted by D.R. Singh on Saturday 9 April 2016
